प्राणायाम दो शब्दों से बना है- प्राण और आयाम । प्राण महज सांस नहीं है । प्राण हमारे अंदर मौजूद सबसे सूक्ष्म और महत्वपूर्ण व्यवस्था है । आयाम का तात्पर्य विस्तार से है । यानी प्राणायाम वो साधना है जिसके जरिए हम अपने अंदर मौजूद सारभौमिक ऊर्जा का विस्तार करते हैं ।